गरीबी की आयू (The age of poor)
अत्याधिक तनाव व असुरक्षा के कारण गरीब लोग कम जीते हैं क्योकि इस स्थिती मे कोशिकाएं बहुत जल्दी बूढी हो जाते है।
शोध के अनूसार ४० वर्ष की उम्र मे समृध परिवारों की महिलाओं की तुलना मे वर्किग कलास महिलाओं की बायोलोजिकल एज औसतन ७ साल अधिक
होती है। ऎसा माना जाता है कि सामाजिक आर्थिक स्थिती का स्वास्थय पर असर पडता है । सैंट थोमस हास्पिट्ल के प्रफ़ेसर टिम स्पेक्टर
के अनूसार् गरीबी हृदय और मानसिक रोगों के लिए भी जिम्मेदार होती है। 22-11-06
अत्याधिक व्यायाम नुकसान पहुंचा सकता है:(Excessive exercise may harm you)
न्यूयार्क मे तीस सेहत मंद युवा पुरुषों पर एक अध्यन किया गया कि वेटलिफ़टिंग के दौरान उनकी आखों में जलन व पानी आने
जैसे समस्याऎ पाई गई। अध्यनकर्ताओ के मुताबिक जिन लोगों को गलुकोमा नामक आंखों का रोग होता है उन्हें व्यायाम करने मे विषेश
सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। वेटलिफ़टिंग के प्रति तो उन्हें खास सतर्कता बरतने की जरुरत है।
डाक्टरों के अनुसार इस समस्या से बचने हेतू लोगों को यह अवश्य जान लेना चाहिए कि उनके परिवार मे कोई
गलुकोमा से पीडित तो नही था। यदि उनके परिवार मे कोई सदस्य इस रोग से पीडित है तो उसे किसी प्रकार का व्यायाम व वेटलिफ़टिंग
करने से पूर्व आंखों की जांच करा लेनी चाहिए। आंखों पर दबाब पडने से उनसे लगातार बहता पानी गलुकोमा को बढावा देता है ।इससे
आंखों की नसें क्षतिग्रसत हो सकती है और आंखों की रौशनी तक भी जा सकती है।
ठोस भोजन शिशुओं के लिए खतरा
6 मास से कम उम्र के शिशुओं को ठोस भोजन देना खतरनाक होगा ।
वैज्ञानिको का कहना है कि नई माताओं को नवजात शिशुओं को ठोस भोजन के बजाऐ स्तनपान कराना चाहिए ।
बच्चे के जन्म के बाद 6 महिने के भीतर ठोस भोजन से बचना
चाहिए । यहां तक कि गाय का दूध, अंडा, मछली और दुसरे पदार्थो को भी इस अवधि के दौरान न देना श्रेष्ठकर है ।
अमेरिकन कालेज आँफ एलर्जी, अस्थमा एंड इमूनोलोजी के अध्ययन
के अनुसार किसी भी प्रकार का ठोस भोजन शिशुओ के लिए खतरा उत्पन्न कर सकता है ।
दाडी मुछ से बीमारी
फलोरिडा के अनुसंधानकर्ताओ ने लम्बे अध्यय्न के बाद यह पाया
कि घने दाडी मुछो एंव घने गुप्तागों के बाल मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए हानी कारक होते है । घने दाडी मूछों वाले व्यक्ति में सासों
के साथ बेंजीन तथा अमोनिया जैसी विषाक्त गैसें अन्दर जाती रहती है । घने दाडी मूछों वाले व्यक्ति अगर धुम्रपान करता है तो
अपेक्षाकृत अधिक रोगो का शिकार होता है । इसी प्रकार पुरुष या स्त्री के गुप्तागों के घने बाल अनेक जीवाणुओं को संरक्षण दे कर
योनगत कमजोरियों को पैदा करते हैं।
शहद संक्रमण रोकता है (Honey The Best Antibiotic)
संयुक्त राज्य अमेरीका के अनुसंधानकर्ताओं ने लम्बे अध्ययन
के बाद इस बात का पता लगाया है कि शहद मे प्रचुर मात्रा मे एंटिबाँयटिक तत्ब मौजूद होते हैं जो न केवल कटी-फटी तव्चा एंव घावो को
शीघ्र भरते हैं बल्कि किसी भी प्रकार के संक्रमण को पूरी तरह रोकने मे सक्षम है। हाल ही मे प्रकाशित बी जरनल के अनुसार इज़राइल के
अनेक राजकीय और निजी अस्पतालों मे घावो, फेफडे और अल्सर आदि की चिकित्सा हेतू शहद का खूब प्रयोग किया जा रहा है ।
कैंसर दूर भगाते हैं फल-सब्जियां (Eat Fruits-Vegetables and Avoid Cancer)
स्वीडन मे एक शोध के अनुसार जो लोग फल एंव सब्जियों का अधिक
सेवन करते हैं उन्हे दिल का कैंसर होने की संभावना बहुत कम होती है । इस शोध मे यह भी सत्य प्रमाणित हुई है कि कैंसर की
संभावना को गाजर कम करती है। गाजर के अतिरिक्त भी फल एंव सब्जियों मे बीटा कैरोटीन पाया जाता है । इस का सेवन कैंसर
की रोकथाम के लिए अच्छा है ।
पाने कम पीने से बनती है पत्थरी (Drink Water to stop stoning)
य़ूरोलोजी सोसाइटी आँफ इंडिया के अनुसार पत्थरी बनने का कारण पानी
कम पीना है । डाक्टरों का कहना है कि स्वस्थ व्यक्ति को कम से कम 3 लीटर पेशाब अवश्य आना चाहिए। यदि इस से कम पेशाब आता है तो
यह पत्थरी बनने का संकेत है। पत्थरी से बचना कोई मुश्किल कार्य नही है। विशेषज्ञों के अनुसार केबल खूब पानी पी कर गुर्दे
और यूट्रस (Kidney & Uterus) की पत्थरी से बचा जा सकता है
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