जीवन व विचारों पर नियंत्रण
कोई भी पुरुष या स्त्री यदि अपने आने वाले अवसरों को पहचान ले तो कुछ भी कर सकता है। अवसर हमेशा आपका द्धार खट्खटाते हैं । देखन यह है कि क्या आप उन्हे पहचान कर उन से
फायदा उठा सकते हैं । आप को पता भी नही चल पाएगा कि कब अवसर आपकी प्रतिक्षा करके लौट गया । कुछ लोगो को अपने जीवन के पहले पहर मे ऐसे अवसर मिल जाते है तो कुछ को लोगों को बाद मे मिलते हैं। कुछ लोग तो इन्हे
पहचान ही नही पाते । यदि पहचान भी लें तो भी इन का फायदा नही उठा पाते। आप अपने हुनर का इस्तेमाल करते हुए इनसे फायदा उठाएँ ।
आप को आगे बढ्कर सफलता का स्वागत करना होगा । सबके लिए कभी न कभी तो अवसरों के द्धार खुलते ही है। यह कई-कई बार खुलते और बंद होते है। सब के लिए यह अलग अलग होते है । क्योकि ज़िन्दगी सब
के साथ एक सा सलूक नही करती लेकिन मौका सब को मिलता है। जब भी मौका सामने आए तो समने बैठ्कर कल्पनाए या योजनाएं बनाने से बात नही बनती। अपने हुनर को सदा निखारतें रहें ताकि अवसर पडने पर आपकी योग्ता या प्रतिभा
का महत्व कम न आंका जाए।
करने को तो बहुत कुछ है लेकिन हमारे पास संसार मे समय बहुत कम है। जीवन मे हमे सकारात्मक और व्यवहारिक पहुँच रखनी होगी। ऐसा तभी संभव है जब आप प्रतिदिन (चाहे कुछ ही मिनट ही क्यो नही )
लक्ष्य प्रप्ति के लिए कुछ काम करें। जीवन को यूँ ही बितने न दें ताकि वो काम करने का अवसर ही न मिले, जिसको आप हमेशा करना चाहते थे।
अपने उपर गर्व करें और अपनी उपलब्धियों के लिए शाबाशी दें और संतुष्टि अनुभव करे। प्रत्येक उपल्ब्धि आपके लक्ष्य की ओर एक कदम होगी। आप अपने जीवन से जितना ज्यादा संतुष्ट होगें,
जीवन उतना ही आनंददायक होता जाएगा। प्रसन्न रहने का एक यह भी तरीका है कि उन पांच वस्तुओ की गिनती करें जिनसे आपको खुशी मिलती है । वह आपकी नौकरी, जीवन साथी स्वास्थ्य, आसपास का माहौल या कुछ और भी हो सकता है,
जो आप को अच्छा लगता हो । जब भी तनाव मे घिर जाएं इन्हे याद करें। यह आप को एक नई स्फूर्ति और उर्जा देने मे सहायक होगें। उन्हे पहचाने कि कौन सी चीज आपको जीवन मे आनंद लेने से रोक रही है, अव्यवस्थित घर, घर मे
बहुत सारे मेहमान, बहुत सारी मुलाकाते, बुरा बाँस, या फिर बुरी नौकरी?
समस्या कितनी भी बडी क्यो हो, उसका कोई न कोई हल तो होता ही है बस यह न सोचें कि आपके सारी तक्लीफें एक या दो दिन में खत्म हो सकती है। धीरे-धीरे एक-एक परेशानी पर केन्द्रित करते
हुए आगे बढे, सब ठीक हो जाएगा। परेशानियां तभी खत्म होगी जब आप उनकी चिन्ता करने के बजाए उनके उपायो पर विचार करके उन्हे अमल मे लाते है।
अव्यवस्था भी तनाव का बहुत बडा कारण हो सकता है एक सप्ताह की लापरवाही पूरे घर को अलग-थलग कर सकती है आपको इस काम को सही तरीके से व गंभीरता से लेना होगा, और एक कोने से शुरु करते
हुए आगे बढना होगा चाहे वे अलमारियां हो, किताबें रखने की शेल्फ हो, काम करने की मेज़ हो या रसोई घर इत्यादि । अब यह विचार मन मे आ सकता है कि इससे हमे नुकसान क्या है। हम जानते है कि साफ सुथरी और
व्यवस्थित जगह पर सामान ढूडने मे कोई दिकत नही आती। जब भी समय पर वस्तु मिल जाती है तो व्यर्थ तनाव भी नही होती। इससे लगता है कि आपका काम करने और जीवन पर पूरा नियंत्रण है। इससे आप के आत्म विश्वास
मे वृद्धि होती है, कार्यो मे मन लगता है और और आप जो भी करना चाह्ते है बिना किसे बाधा व तनाव के हो जाता है।
जीवन मे व्यवस्था का बहुत महत्व है । जो लोग व्यवस्थित नही होते उन्हे जीवन मे कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पडता है और वह जीवन मे कम ही सफल हो पाते है। अवयवस्थित
लोग अकसर आलसी होते है और हम जानते है कि आल्स्य सफलता के राह मे सबसे बडी बाधा है। इसलिए जीवन मे अगर आप अवयवस्थित नही है तो व्यवस्थित होना सिखिए और अपने जीनव मे सफलता का मार्ग प्रशस्त किजिए।
Published by Himarticles
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