Personality Development Articles in Hindi

Home • Shopping • Ring Tones • Online Earning • Hindi Articles • GuestBook • Site Map • Blog • About Me

 

Personality Development Articles in Hindi


Articles Navigation

Personality Development
Science and Technology
Spiritual & Religion
Health & Food
Crime and Corruption
Business
Mind and Memory
National & International
Education
Miscellaneous
Beauty Tips
Health Flash
Free mobile Ring tones
Free mobile SMS
Programmers  Source Code
हिंन्दी लेख: मुख्य पेज

 

Mathematical Calculations

Amortization Calculator
Interest Calculator
Mortgage Calculator
Area & Length Conversion
Mass & Velocity Conv.


Personality Development


 

व्यक्‍तित्व कैसे निखारें

किसी भी व्यक्‍ति का व्यक्‍तित्व उसके चरित्र की विशेषताओं व व्यवहार के मेल से बनता है, जो उस के सभी कामो मे झलकता है। इस व्यवहार मे चेतन और अवचेतन दोनो प्रकार के व्यवहार शामिल हैं। हमारा व्यवहार पूरे जीवन मे कई तथ्यो के प्रभाववश समय-समय पर बदलता रहता है। हमारे जीने और काम करने के तरीके मे लगातार बदलाव आता रहता है । यद्यपि इन बदलावो के बावजूद व्यवहार की जो छाप पहले- पहल पडती है वह आसानी से मिट नही पाती।

हमारा व्यक्‍तित्व, हमारा अस्तित्व इसी जीवन का एक अंग है। हमारे विश्‍वास उन पत्तों की तरह है, जिनका जीव आकृति विज्ञान, संसाधन एकत्र करने व आत्म विचारों को सुधारते है। इन्ही से मिल्कर हमारा व्यक्‍तित्व बनता है। व्यक्‍तित्व को निखारने से व्यक्‍ति न केवल स्वंय बेहतर प्रदर्शन करता है अपितु अपनी टीम से भी बेहतर करबा सकता  है। एक अच्छे व्यक्‍तित्व मे नेतृत्व की सभी विशेषताएं होती है जो आज के समय मे बहुत ज़रुरी है। व्यक्‍तित्व से ही झलक मिलती है कि सामने वाले व्यक्‍ति मे नेतृत्व की क्षमता है कि नही? इसी  सीमा तक आकर व्यक्‍तित्व व नेतृत्व की क्षमताएं मिलकर किसी व्यक्‍ति को क्षेत्र विशेष मे सफल बनाती है। अपनी छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए कुछ सुझाव दिए गए है लेकिन वे अंतिम सत्य नही है। आप अपनी इच्छाअनुसार इसमे कुछ भी घटा या बढा सकते हैं लेकिन एक वात तो निश्‍चित ही है, व्यक्‍तित्व विकास कोई एक दिन मे किया जाने वाला पाठय़क्रम नही है। इसमे  आपके पूरे जीवन  के रहने और काम करने का तौर- तरीका भी शामिल है ।

आप अपने व्यक्‍तित्व को कैसे निखार सकते है? जो भी कार्य करें, उस मे श्रेठ प्रदर्शन करें । एक सफल व संपूर्ण व्यक्‍तित्व का सफलता से गहरा संबंध होता है। यह सफलता पाने के अवसरों को बढा सकता है।

हम इस संसार मे आद्धितीय  क्षमताओं के साथ आए है। हमारे जैसा कोई नही है। हमारे व्यवहार, आचरण और भाषा पर वर्षो से हमारे परिवार, स्कूल, मित्र, अध्यापकों व वातावरण की छाप होती है। आप बस इतना करे कि सहज व प्राकृतिक बने रहें। लोग दिखावटी चेहरों को आसानी से पहचान लेते हैं। हम सब के पास कोई न कोई प्राकृतिक हुनर है।

आप व्यक्‍तित्व को निखारना चाहते है तो अपने भीतर छिपे उस प्रतिभा, हुनर को पहचान कर उभारें। हर कोई एक अच्छा गायक या वक्ता नही बन सकता। यदि विंस्टन चर्चिल ने एक प्रेरणास्पद नेता बनने की बजाए गायक बनने की कोशिश की होती तो शायद वह कभी उसमे सफल नही हो पाते। इसी तरह महात्मा गाँधी एक अच्छे व्यवसायी नही बन सकते थे।

हम सब हालात के प्रति अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। किसी दूसरे की नकल करने की वजाए वही रहें, जो आप है हर कोई मिस्टर या मिस यूनिवर्स तो नही बन सकता लेकिन दूसरो के अनूभवो से सीखकर अपने में सुधार तो ला सकता है। जीवन मे थम कर बैठने के बजाए बेहतरी का कोई न कोई उपाय आज़माते रहना चाहिए ।

व्यक्‍तित्व का उपलब्धियो व प्रदर्शन से संबंध होता है, इस दिशा मे पहला कदम यही होगा कि आप तय करें कि आप क्या बनना चाहते है और आप उस के लिए क्या करने जा रहे हैं। आपकी योजना व्यवहारिक व स्पष्‍ट होनी चाहिए । सफलता की सभी योजनाए कल्पना से ही आरंभ होती है।  योजना को हकीकत मे बदलने के लिए कल्पना शक्‍ति का प्रयोग करें। योजनाबद्ध कार्य, धैर्य, दृड संकल्प किसी भी सपने को साकार कर सकता है।

 


Published by Himarticles

 

Indias bigest Matrimonials site

 


आप हिंन्दी मे भी खोज कर सकते है।

 

Home • Shopping • Ring Tones • Online Earning • Hindi Articles • GuestBook • Site Map • Blog • About Me


Copyright © 2006-07 [HimArticles]. All rights reserved.
Revised: 04/20/07