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    घर परिवार: बच्‍चों की परवर्रिश

    Child Care


    आया रखने से पूर्व बरतें कुछ सावधानियां

    -शिखा चौधरी

     

    आजकल की महिलाएं नौकरीपेशा वाली हैं इसलिए ज्यादा समय घर से बाहर बिताती हैं संयुक्त परिवारों मे या जिन के माता पिता घर पर रह्ते है उन्हे बच्‍चों की देखबाल की समस्या नही होती है परन्तु एक्ल परिवारों मे मां के दफतर जाने के बाद बच्‍चे की देखबाल के लिए कोई नही रहता इसलिए महिलाएं अपने बच्‍चों के लिय आया का इंतजाम करती है। आया उनके अनुपस्थिति मे बच्‍चों की देखबाल करती है तथा उनके खानपान का ध्यान रखती है मगर हमेशा ऐसा नही होता कुछ आया मां की अनुपस्थिति मे अपना मनोरंजन करती है जबकि बच्‍चा बिलखता रह्ता है। ऐसे मे सावधान रहें हमेशा आया रखने से पूर्व कुछ बातों का ध्यान रखें।

    जांच पड्ताल कर लें:

    आया रखने से पहले उस की पूरी जांच पड्ताल कर लें। उस के विष्य मे पूरी जानकारी ले लें। उस का आता पता सब नोट करलें। जब तक आप को उस पर विश्‍वास न हो जाए तब तक बच्‍चे और घर को उस के भरोसे छोड कर न जाएं। वह साफ साफाई पर कितना ध्यान देती है यह भी परख लें । गंदी आया बच्‍चो को भी साफ सुथरा नही रखती, जब वह खिलाएगी तो बच्‍चा उससे चिपकेगा भी ऐसे मे बच्‍चे के बिमार होने की अशंका बढ जाती है। गंदी आया के साथ रखने से बच्‍चा बीमार रहने लगेगा।

    बच्‍चों के खाने-पीने की तरफ ध्यान दें:

    इस बात का खास ख्याल रखें कि आया आप के बच्‍चे के खाने-पीने का ध्यान रखती है या नही। बच्‍चे के हिस्से का खाना आदि वह स्वयं तो नही खा जाती यदि आप को शक हो तो उसके खाने पीने का इंतजाम करें। याद रखें आप उस का ख्याल रखेगे तो वह आप के बच्चे का ज्यादा ख्याल रखेगी। बेवजह उस पर शक न करें। इससे उस पर गलत असर पड्ता है।

    आया को पूरे विश्‍वास मे लें:

    उसे पूरा मान सम्मान दें। उसके साथ विनम्रता के साथ पेश आएं। आपके उनुपस्थिती मे वह आप के बच्‍चे के साथ रहती है यदि आप उसके साथ बदतमीजी करेगें तो वह आपके बच्‍चे के साथ बुरा बरताव कर सकती है, इसलिए उसे विश्‍वास मे लें । उसके साथ नरमी से पेश आएं। उस से उतना ही काम करवाएं जितना वह आराम से कर सके। उस पर काम का बोझ न लाद दें वरना वह आप के  बच्‍चे पर उचित ध्यान नही दे पाएगी।

    बच्‍चे को अकेले बाहर ले जाने की अनुमती न दें:

    पूरी तरह से बेफिक्र होकर आप घर से बाहर न निकलें। आपके बच्‍चे के आया को अकेले छूट देना भी ठीक नही है उसे बच्‍चे को अकेले बाहर ले जाने की अनुमती न दें वरना बच्‍चा कही रोता फिरेगा ओर वह किसी के साथ गप्पें मारती रहेगी। कभी कभी द्फ्तर से जल्दी आकर यह देखें कि बह आपके बच्‍चे को किस तरह रखती है। इससे आया को भी लगेगा कि आप किसी भी वक्‍त आ सकती हैं । उसे अपनी मन मर्जी करने का मौका नही मिलेगा। घर के नौकरो के साथ व पुरुष सद्स्यों के साथ आया को अकेला छोडने की गलती कभी न करें। आया के सामने कीमती वस्तुओ, रुपए पैसे, गहने वगैरा रखने से बचें। उसके जाने के बाद ही रखें या निकालें।

    नजदीकी रिशतेदारों आदि के फोन नम्बर जरुर दें:

    यदि अपने नवजात शिशु या बच्‍चो को आया के भरोसे छोड कर जाना पडे तो तो रिशतेदारी की किसी बुजुर्ग महिला को बुलालें जो आप के बच्‍चे व आया पर नज़र रख सके।

     

    Published by Himarticles

     

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    Revised: 05/22/07